Maharashtra Election 2024: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सभी राजनीतिक दल अपनी पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतर चुके हैं। इस बार का चुनाव पूरी तरह से दो बड़े गठबंधनों के बीच की ‘जंग’ में तब्दील हो चुका है। एक ओर महायुति गठबंधन है, जिसमें बीजेपी, शिवसेना शिंदे गुट और अजित पवार का एनसीपी धड़ा शामिल है।
दूसरी ओर महाविकास अघाड़ी है, जिसमें उद्धव ठाकरे की शिवसेना, कांग्रेस और शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी शामिल हैं। जैसे-जैसे चुनावी प्रचार तेज हो रहा है, वैसे-वैसे बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप भी बढ़ते जा रहे हैं।
Maharashtra Election 2024: देवेंद्र फडणवीस ने कही बड़ी बात
हाल ही में महायुति गठबंधन के दो बड़े नेताओं—देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार—के बीच बयानबाजी देखने को मिली। इसका केंद्र बिंदु “बंटेंगे तो कटेंगे” का नारा है। अजित पवार के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अजित पवार दशकों तक उन विचारधाराओं के साथ रहे हैं,
जो हिंदुत्व विरोधी और तथाकथित धर्मनिरपेक्षता का समर्थन करती हैं। फडणवीस ने कहा, “जो खुद को धर्मनिरपेक्ष कहते हैं, वे वास्तव में केवल हिंदुत्व का विरोध करना जानते हैं। उनके लिए धर्मनिरपेक्षता का मतलब यही है।”
Maharashtra Election 2024: “हम ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ जैसे नारों का समर्थन नहीं करते
फडणवीस ने आगे कहा कि अजित पवार को महाराष्ट्र की जनता की भावना समझने में अभी और समय लगेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के बयान या तो जनता की भावना को न समझ पाने के कारण दिए जाते हैं, या फिर शायद बयान देते समय कुछ और कहने की कोशिश की गई थी।
अजित पवार ने हाल ही में महाराष्ट्र के बीड में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए इस नारे पर अपनी राय स्पष्ट की थी। उन्होंने कहा, “हम ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ जैसे नारों का समर्थन नहीं करते। यह नारा महाराष्ट्र में नहीं चलने वाला। महाराष्ट्र संतों और साधुओं की भूमि है, और हम उन्हीं के दिखाए मार्ग पर चलते हैं। हमारा विश्वास ‘सबका साथ, सबका विकास’ में है।”
Maharashtra Election 2024: अजित पवार ने कह दी बड़ी बात
पवार ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र को अन्य राज्यों के साथ तुलना करना गलत है। उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र के लोग सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने का प्रयास करते हैं। यहां की जनता इस तरह की विभाजनकारी राजनीति को न तो पसंद करती है और न ही इसे स्वीकार करेगी। अगर किसी को लगता है कि महाराष्ट्र भी अन्य राज्यों की तरह काम करता है, तो यह उनकी गलतफहमी है।”
अजित पवार के इन बयानों से यह स्पष्ट हो गया कि वह महाराष्ट्र की जनता को भाईचारे और सांप्रदायिक सद्भाव का संदेश देना चाहते हैं। दूसरी ओर, देवेंद्र फडणवीस ने इन बयानों को उनके पुराने विचारधारा से जोड़कर निशाना साधा।
Maharashtra Election 2024: महायुति विकास और हिंदुत्व के मुद्दों पर जोर दे रही है
महाराष्ट्र में चुनावी माहौल दिन-ब-दिन तीखा होता जा रहा है। महायुति और महाविकास अघाड़ी दोनों ही गठबंधन अपने-अपने मुद्दों को लेकर जनता का समर्थन पाने की कोशिश में जुटे हैं। जहां एक ओर महायुति विकास और हिंदुत्व के मुद्दों पर जोर दे रही है।
वहीं महाविकास अघाड़ी धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक समरसता को प्राथमिकता दे रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता किसके एजेंडे को समर्थन देती है और महाराष्ट्र की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।
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