Kedareshwar Cave Temple: वैसे तो दुनियाभर में बहुत से देवी-देवताओं के मंदिर हैं। वहीं कुछ मंदिर अपने अनोखे रहस्य, वास्तुकला और मान्यताओं के चलते दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं। ऐसा ही एक रहस्यमयी मंदिर है, जिसके बारे में लोगों का मानना है कि वह दुनिया के अंत का संकेत देता है। साथ ही इस मंदिर से कुछ और भी रहस्य जुड़े हुए हैं, जो इस मंदिर को दूसरे मंदिरों से अलग करते हैं।
Kedareshwar Cave Temple: आइये जानते है कहां है ये मंदिर?
यह मंदिर महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के पहाड़ी किले पर स्थित हरिश्चंद्रगढ़ में स्थित है। इसका नाम केदारेश्वर गुफा मंदिर है। इस मंदिर की अलौकिक सुंदरता के साथ इसका रहस्य लोगों को सालों से अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।
इस मंदिर की बनावट बहुत ही रहस्यमयी है। कहा जाता है किसी भी चीज को टिकने के लिए कम से कम चार पायों की जरुरत होती है। लेकिन यह चमत्कारी मंदिर सालों से सिर्फ एक ही खंभे पर टिका हुआ है। कहा जाता है कि इस मंदिर को 6वीं शताब्दी में कलचुरी राजवंश द्वारा बनवाया गया था। लेकिन किले की गुफाएं 11वीं शताब्दी में मिलीं।
Kedareshwar Cave Temple: नजर आते हैं चार स्तंभ
इस मंदिर वैसे तो चार स्तंभ नजर आते हैं। लेकिन एक स्तंभ ही जमीन से जुड़ा हुआ है बाकी स्तंभ पहले ही टूट चुके हैं। मान्यता है कि मंदिर के ये स्तंभ चार युगों को दिखाता है। जैसे- सत्य युग, त्रेता युग, द्वापर युग और कलियुग। गुफा इन स्तंभों में से एक पर खड़ी है क्योंकि उनमें से तीन गिर चुके हैं।
ऐसा माना जाता है कि अगर आखिरी खंभा टूट गया तो दुनिया खत्म हो जाएगी। इसके अलावा ऐसी भी मान्यता हैं कि ये स्तंभ बदलते युगों के अनुसार अपनी ऊंचाई बदलते रहते हैं।
Kedareshwar Cave Temple: क्या है इस मंदिर की ख़ासियत
इस मंदिर में सिर्फ चमत्कारी खंभे ही नहीं बल्कि यहां शिवलिंग प्राकृतिक रूप से निर्मित है। ये मंदिर किले के अंदर लगभग 4,671 फीट की ऊंचाई पर बना हुआ है। मंदिर के पास तीन गुफाएं हैं और दाहिनी गुफा में बर्फ के ठंडे पानी के बीच में 5 फुट का शिवलिंग विराजमान है।
लोगों का कहना है कि गर्मियों में यहां का पानी बर्फ की तरह ठंडा हो जाता है। वहीं। सर्दियों में यह गुनगुने पानी में बदल जाता है। मान्यता यह भी है कि इस जल में डुबकी लगाने से सभी पाप और कष्टों से मुक्ति मिल जाती है।
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